माँ दुर्गा · आरती
श्री दुर्गा आरती
माँ दुर्गा की पारंपरिक आरती।
॥ जय अम्बे गौरी ॥
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।
तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥
ॐ जय अम्बे गौरी
माँ ब्रह्माणी, रुद्राणी, तुम कमला रानी।
सोहं सजीवन, सुहागन, सुभग तुम्हारी॥
ॐ जय अम्बे गौरी
चौंसठ योगिनि मंगल गावत, नृत्य करत भैरों।
बाजत ताल मृदंगा, अरू बाजत डमरू॥
ॐ जय अम्बे गौरी
तुम ही जग की माता, तुम ही हो भर्तारी।
घोर दुःख से कैसे, बचेगा कोई नारी॥
ॐ जय अम्बे गौरी
तुम बिन सुख न होए, पुत्र न कोई पावे।
धन-सम्पत्ति घर आवे, सुख-समृद्धि पावे॥
ॐ जय अम्बे गौरी
शत्रु नाश करि माता, महा बलिदान करे।
सुमिरन करे जो तुमको, सेवक वर पावे॥
ॐ जय अम्बे गौरी
कंचन थाल विराजत, अगर कपूर बाती।
श्री मालकुंवर की आरती, जो कोई नर गावे॥
ॐ जय अम्बे गौरी