Bhakti

माँ दुर्गा · भजन

मेरी अखियों के सामने ही रहना, माँ जगदम्बे: भजन

मेरी अखियों के सामने ही रहना,
माँ शेरों वाली जगदम्बे।
मेरी अखियों के सामने ही रहना,
माँ शेरों वाली जगदम्बे।
हम तो चाकर मैया तेरे दरबार के,
भूखे हैं हम तो मैया बस तेरे प्यार के॥
॥ मेरी अखियों के सामने...॥

विनती हमारी भी अब करो मंज़ूर माँ,
चरणों से हमको कभी करना ना दूर माँ॥
॥ मेरी अखियों के सामने...॥

मुझे जान के अपना बालक सब भूल तू मेरी भुला देना,
शेरों वाली जगदम्बे आँचल में मुझे छिपा लेना॥
॥ मेरी अखियों के सामने...॥

तुम हो शिव जी की शक्ति मैया शेरों वाली,
तुम हो दुर्गा हो अम्बे मैया तुम हो काली॥
बन के अमृत की धार सदा बहना,
ओ शेरों वाली जगदम्बे॥
॥ मेरी अखियों के सामने...॥

तेरे बालक को कभी माँ सबर आए,
जहाँ देखूं माँ तू ही तू नज़र आये॥
मुझे इसके सीवे कुछ ना कहना,
ओ शेरों वाली जगदम्बे॥
॥ मेरी अखियों के सामने...॥

देदो शर्मा को भक्ति का दान मैया जी,
लक्खा गाता रहे तेरा गुणगान मैया जी॥
है भजन तेरा भक्तो का गहना,
ओ शेरों वाली जगदम्बे॥

मेरी अखियों के सामने ही रहना,
माँ शेरों वाली जगदम्बे।
मेरी अखियों के सामने ही रहना,
माँ शेरों वाली जगदम्बे।